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श्री सत्य साई सेवा संगठनमध्य प्रदेश
भजन गाती मध्य प्रदेश की महिला भक्त, पर्ती यात्रा 2026

संगठन

सदस्यता

सदस्यता निःशुल्क और पूर्णतः स्वैच्छिक है — हर उस व्यक्ति के लिए खुली, जो ईश्वर में आस्था रखता है और सेवा को साधना मानकर जीना चाहता है।

पात्रता

कौन सदस्य बन सकता है?

संगठन की सदस्यता रंग, जाति, पंथ, धर्म या सामाजिक-आर्थिक स्थिति का भेद किए बिना सबके लिए खुली है। जो भी व्यक्ति नीचे दी गई शर्तें पूरी करता है, वह सदस्य बन सकता है।

निःशुल्कस्वैच्छिकधर्मांतरण नहीं
  1. 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो
  2. ईश्वर में आस्था रखता हो
  3. उत्सुक आध्यात्मिक साधक हो
  4. सच्चरित्र हो और एक अच्छे व्यक्ति के रूप में जाना जाता हो
  5. नौ सूत्रीय आचार संहिता तथा समय-समय पर लागू संगठन के नियमों और विनियमों का पालन करने को तत्पर हो
  6. संगठन की गतिविधियों में भाग लेने को तत्पर हो

सदस्यता किसी बाध्यता से नहीं, बल्कि पूर्णतः स्वैच्छिक है।

स्रोत: ssssoindia.org/membership (अंग्रेज़ी मूल से हिंदी अनुवाद)

शुल्क

कोई शुल्क नहीं, कभी नहीं

सदस्यता के लिए कोई शुल्क या चंदा नहीं है। नियमित सेवा और आध्यात्मिक गतिविधियों का खर्च सदस्य स्वयं, बिना किसी दबाव के, स्वेच्छा से उठाते हैं।

सदस्यता के लिए कोई शुल्क या चंदा नहीं है। शुल्क या सदस्यता-चंदे की अवधारणा श्री सत्य साई सेवा संगठनों के लिए पराई है, क्योंकि अपने ही आत्म-स्वरूप की ओर यात्रा का कोई शुल्क या चंदा हो ही नहीं सकता।

— श्री सत्य साई सेवा संगठन, भारत — सदस्यता
पर्ती यात्रा में साई कुलवंत हॉल में मध्य प्रदेश के भक्त, जून 2026

“आप समिति से जुड़ते हैं, उसकी गतिविधियों में भाग लेते हैं — अपने स्वयं के लिए; सत्य साई के लिए या उनके नाम पर बनी समिति के लिए नहीं। … यह साधना का स्थान है — निरंतर, सजग साधना का।”

— भगवान श्री सत्य साई बाबा, दिव्य प्रवचन, 22 दिसंबर 1971

प्रश्नोत्तर

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सदस्यता का कोई शुल्क है?

नहीं। सदस्यता पूरी तरह निःशुल्क है — कोई शुल्क, चंदा या किसी भी नाम से कोई प्रभार नहीं। संगठन किसी से धन की याचना भी नहीं करता।

क्या सदस्यता अनिवार्य या बाध्यकारी है?

नहीं। सदस्यता किसी दबाव से नहीं, पूर्णतः स्वेच्छा से होती है। व्यक्ति अपनी आध्यात्मिक प्रगति के लिए जुड़ता है।

क्या मुझे अपना धर्म बदलना होगा?

बिल्कुल नहीं। यह संगठन धार्मिक या धर्मांतरण कराने वाला संगठन नहीं है। सदस्यता हर रंग, जाति, पंथ, धर्म और सामाजिक-आर्थिक स्थिति के लोगों के लिए खुली है, और हर व्यक्ति को अपनी ही आस्था का बेहतर अनुयायी बनने की प्रेरणा दी जाती है।

सदस्य से क्या अपेक्षा है?

सदस्य नौ सूत्रीय आचार संहिता का पालन करता है — दैनिक ध्यान-प्रार्थना, पारिवारिक भजन, सामूहिक भजन, सेवा, साई साहित्य का अध्ययन, मधुर वाणी और नारायण सेवा — और संगठन की गतिविधियों में भाग लेता है।

मध्य प्रदेश में कैसे जुड़ें?

पहले अपने ज़िले की समिति खोजें और वहाँ के भजन व सेवा कार्यक्रमों में आना शुरू करें। सदस्यता का पंजीकरण संगठन के आधिकारिक साई कनेक्ट ऐप के माध्यम से होता है।

मध्य प्रदेश में

जुड़ने के तीन चरण

  1. अपनी समिति खोजें

    अपने ज़िले की समिति या भजन मंडली खोजें और वहाँ के साप्ताहिक भजन में आइए।

  2. आचार संहिता अपनाएँ

    नौ सूत्रीय आचार संहिता को दैनिक जीवन में उतारें और सेवा कार्यों में साथ दें।

  3. साई कनेक्ट पर पंजीकरण

    सदस्यता का पंजीकरण संगठन के आधिकारिक साई कनेक्ट ऐप से होता है। सहायता के लिए अपनी समिति में पूछें।

कोई प्रश्न हो तो लिखिए

संपर्क फ़ॉर्म से लिखें; हम आपको निकटतम समिति तक पहुँचने में सहायता करेंगे।