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श्री सत्य साई सेवा संगठनमध्य प्रदेश
गुरु पूर्णिमा पर सजा साई कुलवंत हॉल और भजन

उपासना · Worship

आध्यात्मिक विभाग

आध्यात्मिक विभाग साधक को अपने अंतरतम से जोड़ता है। भजन, नामस्मरण, अध्ययन और ध्यान इसके सरल, नियमित साधन हैं।

आध्यात्मिक विभाग क्या करता है?

आध्यात्मिक विभाग संगठन की वह शाखा है जो भीतर के स्व का पोषण करती है और मनुष्य में निहित दिव्यता को जगाती है। समिति स्तर पर इसके नियमित कार्यक्रम हैं: सामुदायिक और गृह भजन, नगर संकीर्तन, अध्ययन मंडल, नामस्मरण, जप और ध्यान।

ये कार्यक्रम किसी भी धर्म के व्यक्ति के लिए खुले हैं। संगठन धर्म-प्रचार नहीं करता; हर व्यक्ति को अपने ही धर्म का बेहतर पालन करने के लिए प्रेरित किया जाता है।

गहरे अंधकार में आरती की ज्योति

“भक्ति-संगीत से श्रेष्ठ कुछ भी नहीं है।”

— भगवान श्री सत्य साई बाबा, कृष्णाष्टमी प्रवचन, 6 सितंबर 2004, प्रशांति निलयम — सत्य साई स्पीक्स, खंड 37 (मूल अंग्रेज़ी से अनुवाद)

गतिविधियाँ

मुख्य गतिविधियाँ

  1. भजन

    समिति, भजन मंडली और घरों में सामूहिक भक्ति-गायन। स्वामी ने कहा कि सब एक स्वर और एक लय में, भाव के साथ गाएँ।

  2. नगर संकीर्तन

    भोर में गलियों से होकर भगवन्नाम गाते हुए चलना, ताकि पूरा वातावरण पवित्र हो।

  3. अध्ययन मंडल

    स्वामी के प्रवचनों और वाहिनियों का सामूहिक अध्ययन, जिसमें हर सदस्य विचार रखता है और उन्हें जीवन में उतारने पर चर्चा होती है।

  4. ज्योति ध्यान

    स्वामी द्वारा बताई गई ज्योति (प्रकाश) ध्यान की विधि से सामूहिक ध्यान। मध्य प्रदेश में यह सामूहिक रूप से नियमित होता है।

  5. वेद पाठ

    वेद मंत्रों का शुद्ध उच्चारण सीखना और सामूहिक पाठ, जिसमें ओंकारम् और सुप्रभातम् भी शामिल हैं।

  6. अखंड भजन

    वैश्विक अखंड भजन: वर्ष में एक बार चौबीस घंटे का निरंतर भजन, जिसमें संसार भर के केंद्र एक साथ जुड़ते हैं।

  7. नामस्मरण और लिखित जप

    दिन भर भगवन्नाम का स्मरण, और नाम को लिखकर जप करना।

मध्य प्रदेश में 2026

2026 में आध्यात्मिक विभाग

1 जनवरी – 27 सितंबर 2026 की अवधि के सत्यापित आँकड़े।

बार आयोजित गतिविधियाँ
746
सहभागिताहर गतिविधि में उपस्थिति का योग
23,073
प्रकार की गतिविधियाँ
13

आध्यात्मिक विभाग की प्रमुख गतिविधियाँ, 1 जनवरी – 27 सितंबर 2026 (सबसे अधिक आयोजित पहले)।

  • सामूहिक भजन

    कितनी बार
    341
    सहभागिता
    9,186
    लाभार्थी
    —
  • नगर संकीर्तन

    कितनी बार
    171
    सहभागिता
    3,151
    लाभार्थी
    —
  • समिति द्वारा गृह भजन

    कितनी बार
    72
    सहभागिता
    2,206
    लाभार्थी
    —
  • अध्ययन मंडल (सामान्य)

    कितनी बार
    54
    सहभागिता
    696
    लाभार्थी
    —
  • ज्योति ध्यान (सामूहिक)

    कितनी बार
    31
    सहभागिता
    660
    लाभार्थी
    —
  • ओंकारम् एवं सुप्रभातम् (सामूहिक)

    कितनी बार
    30
    सहभागिता
    463
    लाभार्थी
    —
  • लक्षार्चना (सामूहिक)

    कितनी बार
    20
    सहभागिता
    856
    लाभार्थी
    —
  • श्री सत्य साई प्रेम प्रवाहिनी (रथ यात्रा)

    कितनी बार
    18
    सहभागिता
    5,534
    लाभार्थी
    6,649
  • रैली/पदयात्रा/शोभायात्रा

    कितनी बार
    3
    सहभागिता
    123
    लाभार्थी
    —
  • भजन प्रशिक्षण

    कितनी बार
    2
    सहभागिता
    38
    लाभार्थी
    —

स्रोत: राज्य कार्यालय के अभिलेख, 27 सितंबर 2026 तक; केवल स्वीकृत गतिविधि रिपोर्टें। ‘सहभागिता’ हर गतिविधि में उपस्थित लोगों का योग है, इसलिए एक व्यक्ति कई बार गिना जा सकता है। जिन गतिविधियों में लाभार्थी दर्ज नहीं होते, वहाँ “—” है।

अपनी समिति में जुड़ें

हर गतिविधि समिति और भजन मंडली के स्तर पर होती है। अपने निकट की समिति खोजें और संयोजक से संपर्क करें।